नगर निगम साधारणत: प्राथमिक, माध्यमिक सेकंड्री, एवं प्रोंड शिक्षा का प्रबंध करता है निगम, प्राथमिक विधालयों में पढने वाले बालकों के लिए नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करता है इसके लिए निरधा एवं मेधावी बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क पुस्तकें वर्दी एवं छात्रवृत्तियाँ दी जाती है बालकों के सर्वागींण विकास एवं शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अब नैतिक शिक्षा पर भी विशेष बल दिया जा रहा है| नगर-निगम द्वारा समय-समय पर निरक्षरता उन्मूलन कार्यक्रम भी चलाए जाते है| इस समबन्ध में वह अपने विधालय भी खोलता है और निजी संस्थाओं द्वारा खोले गए विधालयों को अनेक प्रकार की सुविधा व् सहायता भी देता है.
निगम के अधिक क्षेत्र में जो लोग व्यापार करना चाहते है या कारखाने खोलना चाहते है उन्हें निगम लाइसेंस तथा अन्य प्रकार की सुविधाएँ देता है.
नगर निगम स्वयं मार्केट भी स्थापित करता है और उनका प्रबंध करता है.
नागरिकों के मनोरंजन के लिए सिनेमाघर खोलने के लिए निगम लाइसेंस देता है तथा चिड़ियाघर तथा अजायबघर बनवाता है.
इनके अतिरिक्त निगम पार्को, उघानो तथा मनोरंजन केन्द्रों की स्थापना करता है.
नगर निगम श्मशान ग्रेह का प्रबंध करता है तथा बिजली द्वारा मुर्दे जलाने के लिए भट्टी भी निगम ने बनाई है.
जन्म तथा मृत्यु सम्बन्धी आंकड़ो का लेखा रखना.
गलियों, सड़कों, पुलों आदि का निर्माण तथा उनकी यथासमय मरम्मत करवाना.
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की व्यवस्था करना.
भवन-निर्माण की सुविधाएँ देना और इस सम्बन्ध में नियम बनाना. नगर निगम अपने कर्मचारियों के रहने के लिए मकान भी बनवाता है.
जो मकान गिरने की अवस्था में होते है उनके मालिकों को नोटिस देता है और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं गिरा देता है, जिससे जनता के जान-माल की हानि न होने पाए.
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